Saturday, May 12, 2012

Imagine of Soul

आत्मा

अगर एक पल के लिए हम यह सोचे की परमात्मा है ही नहीं | इस्वरीय दुनिया का कोई जगत है ही नहीं तो वैज्ञानिक दृष्टी से आत्मा कुछ भी नहीं है |

शरीर के अन्दर आत्मा न होकर एक ऐसी उर्जा होती है जो उसने भ्रूणावस्था में प्राप्त की होती है | वह उर्जा सुक्राणु और अंडाणु के मिलन पर ही बनती है और अवस्था के पश्चात नस्त हो जाती है मतलब शरीर उर्जा विहीन हो जाता है अर्थात मर जाता है |

 वास्तव में यदि आत्माएं होती तो यथार्थता भूत भी होते रोज बहुत लोग मरते और अबतक बहुत सारे भूत हो जाते और रोज एक दो भूतों से मुलाकात भी हो जाती |

अगर हम इस्वरीय दुनिया में विस्वास करे तो बहुत सारी बातें ऐसी होंगी जिसे आपने केवल सुना होगा पर देखा नहीं होगा | इस्वरीय दुनिया एक काल्पनिक संसार है जो हो भी सकता है नहीं भी | परन्तु विज्ञानी संसार सर्वथा सिद्ध है |