Yes and No

हाँ और ना
गर वस्तु मिल जाये तो कोई बात नहीं यदि न मिले तो बेचैनी बढ़ जाती है |

कोई मजनू बन जाता है तो कोई नफरत का सिकार हो जाता है |

वह मुझे मिली तो कोई बात नहीं वह उसे मिली तो बेवफा |

हम फेल हो जाये तो कोई बात नहीं वह पास हो जाये तो मुस्किल होती है |

यदि हीर का रान्ज़ा से मिलन हो गया होता तो कुछ न होता नहीं मिले इसलिए तो कहानी बनी |

यदि पूरी तरह से अच्छाई ही रहे तो कोई कहानी अच्छी नहीं लगेगी | कवियों की कविताओं में दम न होगा |

दुनिया के चलने में अच्छाई के साथ साथ बुराई का भी हाथ है इसलिए तो कहते है की जो होता है अच्छा होता है |