Sharing Knowledge from Life Experience

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Tuesday, May 3, 2016

Holi celebration at Godrej Hillside Mumbai

मैं  कुछ तस्वीरें शेयर कर रहा हूँ जो की हमने होली में खींची थी ।  ये मेरे बेटे लवित की पहली होली है ।  पहली  चीज  हमेशा यादों में रहनी चाहिए ।  पहली होली पहला प्यार पहली तनख्वाह इतियादी हमेशा याद रहती है । 

Lavit singh

Lavit singh

avantika

saksham

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santosh

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avantiaka

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Friday, April 8, 2016

Birthday Photos of My daughter Avantika 2016



Avantika,Lavit
मेरी प्यारी बेटी जन्मदिन मुबारक हो। केक सेलिब्रेशन ऑन १८/मार्च/२०१६

Avantika,Lavit

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Avantika,Lavit

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Avantika,Aashi


Avantika,Aashi friendsAvantika,Aashi

Avantika,Aashi friends

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Friday, February 26, 2016

दुनिया में इंसान की मजबूरी ही इंसान की सबसे बड़ी कमजोरी होती है

मजबूरी कैसी कैसी

इस दुनिया में मजबूरी कैसी कैसी है जो इंसान को कितना कमजोर बना देती है । मजबूरी इंसान को सहनशील बना देती है । मजबूरी का उदहारण कही न कही कभी न कभी मिलता ही रहता है ।

एक बार मै ट्रेन में जा रहा था ट्रेन  में बहुत भीड़ थी जिनकी टिकट कन्फर्म थी उनकी कोई मजबूरी नहीं थी पर जिनकी टिकट वेटिंग में थी उनकी हर जगह मजबूरी थी । पहले टीटी आया सब वेटिंग वालों से बोला सब जनरल डिब्बे में जाओ नहीं तो १०० रुपए दो जिन्होंने पैसे दे दिए उन्हें जनरल डिब्बे में नहीं जाना पड़ा बाकी सबको जाना पड़ा ।

टीटी के जाने के बाद पुलिसः  वाले  आये और सब वेटिंग वालों से २० रुपए लिए।  भारितीय रेल  का बजट तो हर साल बड़े तरीके से पेश होता है पर कन्फर्म टिकट भी मिल जाये तो समझो गंगा नहा  लिया ।

एक बार सरकार यदि सारे बाते छोड  के कन्फर्म टिकट का बजट पेश  कर दे तो सबसे  भारी बजट कहलायेगा ।

सरकार भी क्या करे ये सरकार की मजबूरी है हम क्या करें ये हमारी मजबूरी है । बड़े जुगाड़ के बाद ही कन्फर्म टिकेट मिलता है ।

कोटा होना कुछ को तो सुकून देता है पर कुछ लोगों के लिए मजबूरी । ।  हिंदुस्तान कई वर्ष तक गुलाम था ये हिंदुस्तान की मजबूरी थी हिंदुस्तान आजाद हुआ ये अंग्रेजों की मजबूरी थी ।

वेटिंग टिकट वाले इतने सहनशील होते  है की कोई उनकी टांग के ऊपर निकल जाये तो भी कुछ  नहीं कहते क्यों की वो मजबूर होते है । जिंदगी में मजबूरी जितनी कम  हो जिंदगी उतनी ही सरल हो जाएगी इसलिए हमें मजबूर ख़त्म करने की हर मुमकिन कोसिस करनी चाहिए ।

हम सभी अपने जीवन  में किसी  न किसी मजबूरी से गुजर रहे है ये मजबूरी कब ख़त्म होगी ये तो आने वाला समय ही तय करेगा ।

Tuesday, December 29, 2015

Maa ki Mamta

माँ

माँ  के बारे में क्या लिखूं जितना भी लिखूं कम है । बचपन से लेकर बुढ़ापे तक माँ की महिमा कम नहीं होती । माँ का सम्मान करना ही एक मात्र तरीका है उसका कर्ज कुछ हद तक उतारने  का ।

माँ अपने जीवन में माँ होने के साथ साथ अपनी दोस्त भी होती है । एक ऐसा दोस्त जो की अपने हर दुःख दर्द को दूर करने की ताकत रखती है ।

रानी लक्ष्मीबाई जी ने जब अंग्रेजों से आखिरी लड़ाई लड़ी थी तो अपने बच्चे को अपनी पीठ पर रखकर उसकी रक्षा करते हुए लड़ी थी ।  अंतिम साँस तक  उनके मन में देश के साथ साथ अपने  बेटे की ममता उनके रग  में समाई  हुई थी ।

इस  दुनिया में यदि किसी बेटे की शादी होती है तो लगभग उस बेटे को माँ का साथ छूट ही जाता है कुछ लोग ही होते है जो माँ को पूरा जीवन सम्मान के साथ अपने साथ रखते है लेकिन  कुछ बेटे जो माँ को शादी के बाद अलग कर देते है शादी के  बाद माँ जैसा प्यार कही और नहीं पाता  । यही से माँ के प्यार का  आभास भी होता है ।

माँ को किसी भी रूप में देखो चाहे भारत माँ , गाइ  माँ  या फिर किसी और में परन्तु माँ शब्द में ही प्यार छुपा होता है । ये माँ शब्द तो एक अक्षर का ही है परन्तु  दुनिया के सारे शब्द पर भारी पड़ता है ।

दुनिया के किसी भी कहानी में जब तक माँ का जिक्र नहीं कहानी में दम नहीं   होता ।

क्या आपने कभी सुना है की माँ ने खाना खा   लिया और बेटे को नहीं  खिलाया  नहीं सुना होगा क्यों की ऐसा  होता ही नहीं   है।

 हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी भी अपनी माँ को बहुत प्यार करते है और  अपनी माँ से प्यार करता है वो माँ  आशीर्वाद से बहुत तरक्की करता है क्यों की दुनिया उसको सलाम करती है ।