Sharing Knowledge from Life Experience

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Tuesday, December 29, 2015

Maa ki Mamta

माँ

माँ  के बारे में क्या लिखूं जितना भी लिखूं कम है । बचपन से लेकर बुढ़ापे तक माँ की महिमा कम नहीं होती । माँ का सम्मान करना ही एक मात्र तरीका है उसका कर्ज कुछ हद तक उतारने  का ।

माँ अपने जीवन में माँ होने के साथ साथ अपनी दोस्त भी होती है । एक ऐसा दोस्त जो की अपने हर दुःख दर्द को दूर करने की ताकत रखती है ।

रानी लक्ष्मीबाई जी ने जब अंग्रेजों से आखिरी लड़ाई लड़ी थी तो अपने बच्चे को अपनी पीठ पर रखकर उसकी रक्षा करते हुए लड़ी थी ।  अंतिम साँस तक  उनके मन में देश के साथ साथ अपने  बेटे की ममता उनके रग  में समाई  हुई थी ।

इस  दुनिया में यदि किसी बेटे की शादी होती है तो लगभग उस बेटे को माँ का साथ छूट ही जाता है कुछ लोग ही होते है जो माँ को पूरा जीवन सम्मान के साथ अपने साथ रखते है लेकिन  कुछ बेटे जो माँ को शादी के बाद अलग कर देते है शादी के  बाद माँ जैसा प्यार कही और नहीं पाता  । यही से माँ के प्यार का  आभास भी होता है ।

माँ को किसी भी रूप में देखो चाहे भारत माँ , गाइ  माँ  या फिर किसी और में परन्तु माँ शब्द में ही प्यार छुपा होता है । ये माँ शब्द तो एक अक्षर का ही है परन्तु  दुनिया के सारे शब्द पर भारी पड़ता है ।

दुनिया के किसी भी कहानी में जब तक माँ का जिक्र नहीं कहानी में दम नहीं   होता ।

क्या आपने कभी सुना है की माँ ने खाना खा   लिया और बेटे को नहीं  खिलाया  नहीं सुना होगा क्यों की ऐसा  होता ही नहीं   है।

 हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी भी अपनी माँ को बहुत प्यार करते है और  अपनी माँ से प्यार करता है वो माँ  आशीर्वाद से बहुत तरक्की करता है क्यों की दुनिया उसको सलाम करती है ।

Friday, June 5, 2015

Jaago Aur Jagaao

जागो और जगाओ 

दोस्तों हम अपनी परेशानियों के लिए हमेशा दूसरों को दोष देते रहते है पर अपने अंदर का दोष कभी नहीं दूर करते । हम यह भी कहते है की सरकार ने ये नहीं किया वो नहीं किया ।  में आप से पूछता हूँ अगर मुझे कुछ दिक्कत है तो आपको कैसे पता चलेगी आपको तब तक नहीं पता चलेगी जब तक में आपको बताऊंगा  नहीं । आप जब तक अपनी दिक्कत सरकार को नहीं बताओगे तब तक दिक्कत दूर कैसे होगी ।

आज के दौर की सरकार एक अच्छी सरकार है मुझे विस्वाश है की सरकार आपके हर परेशानी पर अमल जरूर करेगी बस आपको एक कदम बढ़ाना है सरकार द्वारा प्रदान की  गई वेबसाइट पर अपनी शिकायत दर्ज करो । प्रधानमंत्री मोदी जी की खुद के नाम की भी वेबसाइट है  वहा जाये और रजिस्ट्रेशन करे ।

मैंने अब तक जो भी दिक्कत और परेशानी लिखी उस पर अमल जरूर हुआ है अब आपकी बारी है अपनी समस्या के बारे में लिखने की । मेरा तो काम ही है जागो और जगाओ । 

Sunday, May 10, 2015

Experience of Earthquake

भूकम्प का अनुभव 

मैंने अब तक दो बार भूकम्प का अनुभव किया है एक बार तब जब मैं  अहमदाबाद में था । तारीख थी जनवरी २७,२००१। मैं  अखबार पढ़ रहा था अचानक अक्षर हिलते हुए दिखाई दिए मैंने सोचा क्या नजर कमजोर हो रही है फिर देखा टीवी हिल रहा है तो सोचा कही चक्कर तो नहीं आ रहा है फिर देखा बिस्तर भी हिल रहा है मैंने कहा अब तो ये कुछ और ही है ।
तब तक भैया बोले भागो लगता है भूकम्प आ गया । मैं 4th  फ्लोर पर था लगा तेजी से भागने छत पर पानी का पाइप टूट गया खूब तेज पानी के गिरने की आवाज आने लगी ऐसा लगा जैसे बिल्डिंग गिरने वाली है । मै  १० सीढ़िया एक साथ कूदकर भागने लगा और अंततः नीचे पहुंच गया ।

नीचे से साड़ी बिल्डिंगों को हिलते हुए देख रहा था देह में कम्पन हो रहा था नीचे पहुचने वालों में मैं  पहला व्यक्ति था धीरे धीरे सभी बहार आ गए । कोई तोलिये में लिपटा  था तो कोई केवल अंडरवेर  में था । थोड़ी देर बाद भूकम्प शांत हो गया ।

फिर लोग अपने अपने एक्शन की गुफ्तगूं करने लगे । एक अंकल तो बोले मैं  पूजा कर रहा था जब भूकम्प  आया तो ऐसा लगा कि  भगवान प्रसन्न हो गए है  और दर्शन देने वालें है लेकिन जब लोगों की आवाज सुनी तो पता चला चला मशला कुछ और ही है ।

ऐसे ही दूसरा भूकम्प का अनुभव इस बार लखनऊ में रहा २५ अप्रैल २०१५ एक और यादगार दिन योँ तो मैं  मुंबई में नौकरी करता हूँ पर बच्चों को लेकर गावं आया था । २५ अप्रैल २०१५ एक रिलेटिव लखनऊ में भर्ती थे उनको देखने के लिए लखनऊ के एक अस्पताल में रुका था । अबकी बार सेकंड फ्लोर पर था
जब भूकम्प आया तो सीढ़ियों की तरफ भगा लेकिन मैं  जिस सीढ़ी से भागा  वो सीढ़ी  बंद थी लगा इस बार नहीं बचूंगा पर शुक्र था भगवन का की कोई नुकसान  नहीं हुआ ।

कहते है भूकम्प आने के कई कारन है कभी हिमालय अपने  संतुलित करने के लिए हलचल करता है तो पृथ्वी ऊर्जा  निकलती है तो भूकम्प आता है ।
कुछ लोग कहतें है की पृथ्वी शेषनाग के फन पर टिकी है जब भी शेषनाग अपना फन बदलते है तो भूकम्प आता है ।

और भी अलग अलग कारण  है कुछ भी  हो भूकम्प एक तरह का मौत का अनुभव है जो की खतरनाक है और भगवान का दिया हुआ एक इंजेक्शन होता है जो कई को निगल जाता है और कई लोगों को सुधार  देता है ।