Sunday, March 12, 2017

Happy Holi festival 2017 Wishes In India



आप सभी दोस्तों को होली  हार्दिक सुभकामनाये

आप सभी को और आपके परिवार की ओर से रंगो का पर्व होली की हार्दिक शुभकामनाएँ।
आप व आपका परिवार हमेशा हसते मुस्कुराते रहें व हम सभी मिलकर इस पर्व को मनाएँ ।

चुनाव जीतने के लिए  देशवाशियो और भारतीय जनता पार्टी को जीत की बधाई और होली की हार्दिक शुभकामनाएँ।

होली की हर्षित बेला पर, खुशियां मिले अपार।
यश,कीर्ति, सम्मान मिले, और बढे सत्कार।।
शुभ रहे हर दिन हर पल, शुभ रहे विचार।
उत्साह बढे चित चेतन में, निर्मल रहे आचार।।
सफलतायें नित नयी मिले, बधाई बारम्बार।
मंगलमय हो काज आपके, सुखी रहे परिवार।।
आप और आपके परिवार को "होली की ढेर सारी हार्दिक शुभकामनाएं".

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Sunday, December 25, 2016

Anand Mela clips at Mumbai

आनंद मेला का औयोजन हर साल  दिसम्बर के महीने में होता  है । में इस वीडियोस के जरिये कुछ झलक पेश करता हूँ । बच्चे खूब मजे करते है । यह क्लिप २०१६ साल की है




















Sunday, September 25, 2016

सरोज एक संघर्ष

सरोज

सरोज एक संघर्ष का  नाम था ? सरोज एक लड़की थी जिसकी शादी के १ साल ही हुए थे और उसके पति की डेथ हो गई थी । सरोज अब टूट सी गई थी । अडोस पड़ोस  के लोगों  ने समझाया जिंदगी जीने  के लिए है उसे जाया मत करो ।

सरोज १० वी  पास थी तो उसने अपनी पढाई फिर से शुरू की किसी तरह से १२ वी  की परीक्षा पास की फिर टीचींग  का कोर्स कर लिया और एक दिन अध्यापिका बन गई  ।

जिंदगी अब कुछ अच्छी  लगने लगी । घर में कोई जेंट्स नहीं था और सभी बहनो की शादी  थी । खेती भी थी । सरोज की एक बहन की ४ बेटी थी । सरोज की बहन का नाम सुमित्रा था ।

सुमित्रा का पति जुवारी था एक दिन वो सब कुछ जुए  में हार गया । तो सुमित्रा भी सरोज के साथ रहने लगी एक दिन सुमित्रा के पति की भी डेथ  हो गई  क्योंकि उसे कैंसर हो गया था ।

अब सरोज ने सुमित्रा और उसकी बेटियों की जिम्मेदारी अपने सर  ले लिया । सबको पढ़ाया लिखाया और धीरे धीरे ३ बेटियो की शादी भी करवा दी ।   सरोज अब नौकरी से रिटायर हो गई  थी ।

उसकी अब एक ही इच्छा बाकी थी की किसी तरह से चौथी बेटी की शादी कर दूं मरने से पहले । लेकिन किस्मत को कुछ  और ही मंजूर था एक दिन सरोज के पेट में जोर से दर्द होने लगा आनन् फानन में अस्पताल में भर्ती किया ।

लेकिन हालत बिगड़ती जा रही थी सरोज की इच्छा थी की सारी जायदाद सुमित्रा के नाम कर दूं तो कम से कम  उसकी बेटी की शादी तो हो जाएगी ।  वसीयत की तैयारी होने लगी । कागजात तैयार हो गए लेकिन सिगनेचर  से पहले ही सुमित्रा की डेथ हो गयी ।

उसके मरने के बाद ३ से ४ लोगों ने प्रॉपर्टी पर अपना दावा किया हुआ है  अभी तक कोई फैसला  नहीं हुआ । सुमित्रा की लड़ाई मरने  के बाद भी चल रही है ।  आगे क्या होगा भगवान् जाने । 

Sunday, July 17, 2016

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