Sunday, July 23, 2017

Corruption cleanup is required

 भ्रस्टाचार का भी सफाई अभियान होना चाहिए

आज की डेट में भ्रस्टाचार कहा कहा है या कहे कहा नहीं है | सबसे ज्यादा भ्रस्टाचार  तो नेताओं में है उसके बाद सरकारी कर्मचारी जो हर एक सेवा में रिश्वत लेते है | अगर आप  मजबूर है तो आपका लुटना  तय है | मजबूरी का नाम महात्मा गाँधी यूँ  ही नहीं पड़ा मजबूर है तो काम निकलना तो अहिंशा को अपनाते हुए चुपचाप रिश्वत दे और अपना  कराएं ये ही दुनिया की रीति बन रही है |

मोदी जी अकेले भ्रस्टाचार से लड़ रहे है कुछ लोग कंधे से कन्धा  मिला के चल रहे है हमारा भी फ़र्ज़ बनता है की जहा कमजोर कड़ी मिले हम मोदी जी तक पहुचाये और देश की सेवा में योगदान दें |

नगर निगम में भ्रस्टाचार अगर कोई एक भी करेक्शन करना है जन्म सर्टिफिकेट में तो कम से  कम  १० चक्कर लगवाते है फिर इंसान हार के रिश्वत देता है तब काम होता है | रिश्वत लेने वालों की ये ख़ास पहचान है आपका का काम एक बार में हो जाए ऐसा सपने में भी मत सोचना |

कोई सिग्नेचर चाहिए तो चपरासी रिश्वत लेता है | पुलिस वारीफिकेशन सर्टिफिकेट चाहिए तो  पैसे दो वारीफिकेशन नहीं होगा और सर्टिफिकेट मिल जायेगा | RTO  से  लाइसेंस चाहिए तो पैसे दो बिना टेस्ट के ही मिल जायेगा |

रिश्वत  ने कही काम आसान बना दिया   तो कही मुश्किल | जो   रिश्वत  नहीं  देते उन्हें तो लम्बा चलना पड़ता है | सरकारी नौकरी अगर  किसी को मिलती है तो वो सैलरी से पहले रिश्वत के बारे में सोचता है क्यों की उसे नौकरी रिश्वत से ही तो मिलती   है |

मोदी जी ने सफाई अभियान चलाया लेकिन उससे जमीन तो साफ़ हो जाएगी लेकिन भ्रस्टाचार की गन्दगी नहीं | भ्रस्टाचार  की गन्दगी अकेले मोदी जी नहीं दूर कर सकते हर ईमानदार को आगे आना होगा अपनी आवाज बुलंद करनी होंगी। कुर्बानियां भी देनी होंगी |

भ्रस्टाचार करने वाले बहुत पॉवरफुल हो जाते है इससे पहले ये आतंक में तब्दील हो हमें बदलना होगा तभी देश बदलेगा |  भ्रस्टाचार का भी सफाई अभियान होना चाहिए  तभी सभी को इन्साफ मिलेगा |

अगर  भ्रस्टाचार का भी सफाई अभियान हो तो  बेरोजगारी से मुक्ति  मिलेगी | कोई भूखा नहीं सोयेगा सभी को शिक्षा मिलेगी | हर जगह बिजली और पानी मिलेगा , क्राइम पर भी लगाम लगेगी , पढ़े लिखे लोग बढ़ेंगे  |

Sunday, June 4, 2017

Clips During Village visit on Mundan ceremony of my Son to Remember

ये कुछ क्लिप है  जो मेरे पुत्र  मुंडन के समय ली गई है |  बैसाख पूजा की भी एक क्लिप है |

                                                           मरी माता मंदिर


कोड़ा फन 


डांस  


बैसाख पूजा

गुब्बारा फन



Saturday, May 13, 2017

Effects of Machines

मशीनीकरण का प्रभाव

मशीनीकरण  एक ऐसा नाम है जिसने बहुत सारे काम आसान कर दिया | सब मशीनो  के बारे में लिखना तो संभव ही नहीं है लेकिन कुछ मशीनों के बारे में विचार जरूर किया जा सकता है |

मेरे गांव की ही बात करता हूँ जब मै छोटा था तब खेतो में मजदूरों के लिए खाना ले जाया करता था मजदूर भैंसो की मदद से खेतों की जुताई किया करते थे पुरे दिन जुताई होती थी तब जाके कहीं १ या २ बीघा जुताई हो पाती थी |

वही  काम आज ट्रेक्टर ने ले लिया है दिन का काम कुछ मिनटों का हो गया | समय का फायदा हमें तो हुआ पर घाटा किसे हुआ उन भैंसो का |  उनका तो काम ही ख़त्म हो गया जब काम ख़त्म हो गया तो उनका इस दुनिया में क्या काम है |

लेकिन एक काम तो मिल गया इन भैंसो को कैसे कम  किया जाये | भैंसो को कम  करने का एक ही रास्ता था इनका मांस एक्सपोर्ट कर दो दूसरे देशों में लेकिन प्रश्न ये था की इतनी जल्दी इन्हे काटा कैसे जाये | यह भी काम मनुष्यों ने आसान कर दिया एक और मशीनीकरण |

फैक्ट्री खोल दो एक दिन में हजारों भैंसे निकल जायेंगे | भैंस तो केवल एक उदाहरण है ऐसे ही न जाने कितने सारे जानवर इन मशीनों की चपेट में आ रहे है |

सुबह सुबह जब हम सो कर उठते है तो गुड मॉर्निंग बोलते है कितनी हसीन  लगती है ये सुबह लेकिन अगर थोड़ा सोचे तो इसी सुबह में बहुत सारे जानवर सुला दिए जाते है |  हम मंदिर जाते है गाय को चारा दान करते है लेकिन जरुरी नहीं अगले दिन वो गाय  चारा खाने के लिए फिर से मिले |

एक तरफ शृद्धा सुमन दूसरी तरफ इतनी ज्यादा हैवानियत समझ नहीं आता की कैसी है ये दुनिया | हम खुद को जिन्दा रखने के लिए काम तलाश कर लेते है लेकिन जानवरो को काम से बेदखल कर उन्हें मौत के मुँह में झोंक देते है |

मशीनीकरण जितना बढ़ता जायेगा जानवर तो क्या धीरे धीरे इंसान का भी महत्त्व ख़त्म हो जायेगा तो क्या इंसानो की भी बोली लगनी शुरू  हो जाएगी |

इंसान जब नसेड़ी हो जाता है तो छोटे से बड़े नशे की ओर  बढ़ता है धीरे धीरे नशे में अपना जीवन ख़त्म कर लेता है इसी तरह मांसाहार एक नशा है जो स्टार्ट तो अंडे से होता है लेकिन ख़त्म होने की कोई सीमा नहीं है चिकेन ,मटन ,बीफ और कुछ हद तक खुद इंसान ही इंसान को खाने लगेगा |

वही शायद इस कलयुग का अंत होगा | कहीं कहीं  सरकार  ने गाय खाने में रोक लगा दी है अगर सरकार ने रोक लगाई है तो कहीं न कहीं सोचा होगा की गाय काटना गलत है तभी तो रोक लगाई है |  मांसाहार अच्छा है या बुरा अगर आप थोड़ा सा दिल से सोचेंगे तो जबाब तुरंत मिल जायेगा की किसी भी तरह की हत्या में सहभागी होना गलत है | जब गाय की हत्या करना गलत है तो बाकी जानवर कागज के तो बने नहीं है दर्द सबको होता है सभी जानवरों को काटने पर रोक लगनी चाहिए |

जो इंसान सेल्फिश नहीं होता वो ही मांसाहार को गलत मानेगा बाकी सही मानेंगे | मेरा एक दोस्त था उसने एक बार भैंस काटते हुए देख लिए तो उसे १० दिन तक बुखार ही आता रहा आखिर ऐसा क्यों हुआ क्यों की उसके मन और दिल ने आक्सेप्ट नहीं किया कि  यह सही है |

जो कटाई कल हाथों से काम मात्रा में होती थी आज वही मशीनों से बड़ी मात्रा में होती है | मशीनो  का काम जब अनाज पाने तक सीमित रहता है तब तक सही रहता है लेकिन मशीनों का दुरूपयोग हमें पाप का भागिदार बनता है |

यही मशीनीकरण का प्रभाव है | 

Tuesday, April 11, 2017

Expertise required for life

विशेषता जरुरी है

इस दुनिया में आप कुछ भी करो लेकिन अगर आपको आगे जाना है तो अप्पको एक्सपर्ट होना पड़ेगा | आप सीखते तो बहुत कुछ है लेकिन एक्सपर्ट सब चीजों में नहीं होते है |

आपके अच्छे भविष्य के लिए विशेषता जरुरी है | मैंने अपने कैरियर में बहुत उतार चढाव देखे है पहले एडमिन वर्क में था फिर प्रोग्रामिंग में आया लेकिन पैसे बहुत कम  मिलते थे कारण  यही था की किसी एक चीज में एक्सपर्ट नहीं था मै |

फिर मैंने एक प्रोग्रामिंग भाषा का चयन किया ४ साल काम करने के बाद धीरे धीरे एक्सपर्ट हो गया | अब थोड़ा सेट हो गया हूँ |

इसलिए मेरी यही एडवाइस है जो भी करो एक्सपरटाइज हाशिल करो तो कुछ मिल सकेगा जीवन में |

मैं  सारे क्लास में सेकंड क्लास पास हुआ फिर भी सफल हूँ क्यों की मैंने एक्सपेर्टीसे हाशिल की अपने विषय में आप भी आगे आ सकते है एक्सपर्ट होना जरुरी है |

आज कम्पटीशन का जमाना है तो चयन भी सही होना चाहिए | पहले अपने इंटरेस्ट को जानो फिर विषय  का चयन करो तो जीवन में कभी पीछे नहीं रहोगे |

आज का सांता ज्ञान यही है की विशेषता जरुरी है | 

Sunday, March 12, 2017

Happy Holi festival 2017 Wishes In India



आप सभी दोस्तों को होली  हार्दिक सुभकामनाये

आप सभी को और आपके परिवार की ओर से रंगो का पर्व होली की हार्दिक शुभकामनाएँ।
आप व आपका परिवार हमेशा हसते मुस्कुराते रहें व हम सभी मिलकर इस पर्व को मनाएँ ।

चुनाव जीतने के लिए  देशवाशियो और भारतीय जनता पार्टी को जीत की बधाई और होली की हार्दिक शुभकामनाएँ।

होली की हर्षित बेला पर, खुशियां मिले अपार।
यश,कीर्ति, सम्मान मिले, और बढे सत्कार।।
शुभ रहे हर दिन हर पल, शुभ रहे विचार।
उत्साह बढे चित चेतन में, निर्मल रहे आचार।।
सफलतायें नित नयी मिले, बधाई बारम्बार।
मंगलमय हो काज आपके, सुखी रहे परिवार।।
आप और आपके परिवार को "होली की ढेर सारी हार्दिक शुभकामनाएं".

Yug

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Sunday, December 25, 2016

Anand Mela clips at Mumbai

आनंद मेला का औयोजन हर साल  दिसम्बर के महीने में होता  है । में इस वीडियोस के जरिये कुछ झलक पेश करता हूँ । बच्चे खूब मजे करते है । यह क्लिप २०१६ साल की है




















Sunday, September 25, 2016

सरोज एक संघर्ष

सरोज

सरोज एक संघर्ष का  नाम था ? सरोज एक लड़की थी जिसकी शादी के १ साल ही हुए थे और उसके पति की डेथ हो गई थी । सरोज अब टूट सी गई थी । अडोस पड़ोस  के लोगों  ने समझाया जिंदगी जीने  के लिए है उसे जाया मत करो ।

सरोज १० वी  पास थी तो उसने अपनी पढाई फिर से शुरू की किसी तरह से १२ वी  की परीक्षा पास की फिर टीचींग  का कोर्स कर लिया और एक दिन अध्यापिका बन गई  ।

जिंदगी अब कुछ अच्छी  लगने लगी । घर में कोई जेंट्स नहीं था और सभी बहनो की शादी  थी । खेती भी थी । सरोज की एक बहन की ४ बेटी थी । सरोज की बहन का नाम सुमित्रा था ।

सुमित्रा का पति जुवारी था एक दिन वो सब कुछ जुए  में हार गया । तो सुमित्रा भी सरोज के साथ रहने लगी एक दिन सुमित्रा के पति की भी डेथ  हो गई  क्योंकि उसे कैंसर हो गया था ।

अब सरोज ने सुमित्रा और उसकी बेटियों की जिम्मेदारी अपने सर  ले लिया । सबको पढ़ाया लिखाया और धीरे धीरे ३ बेटियो की शादी भी करवा दी ।   सरोज अब नौकरी से रिटायर हो गई  थी ।

उसकी अब एक ही इच्छा बाकी थी की किसी तरह से चौथी बेटी की शादी कर दूं मरने से पहले । लेकिन किस्मत को कुछ  और ही मंजूर था एक दिन सरोज के पेट में जोर से दर्द होने लगा आनन् फानन में अस्पताल में भर्ती किया ।

लेकिन हालत बिगड़ती जा रही थी सरोज की इच्छा थी की सारी जायदाद सुमित्रा के नाम कर दूं तो कम से कम  उसकी बेटी की शादी तो हो जाएगी ।  वसीयत की तैयारी होने लगी । कागजात तैयार हो गए लेकिन सिगनेचर  से पहले ही सुमित्रा की डेथ हो गयी ।

उसके मरने के बाद ३ से ४ लोगों ने प्रॉपर्टी पर अपना दावा किया हुआ है  अभी तक कोई फैसला  नहीं हुआ । सुमित्रा की लड़ाई मरने  के बाद भी चल रही है ।  आगे क्या होगा भगवान् जाने । 

Sunday, July 17, 2016

आर्टिकल लिख के पैसा कमाएं

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अगर आप इंटरनेट के क्षेत्र में नए है और कुछ पॉकेट मनी कमाना  चाहते है तो नीचे वीडियो क्लिप को देखे ।

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Thursday, June 30, 2016

करे कौन भरे कौन

करे कौन भरे कौन

मेरे  गांव  के पास ही एक दूसरा गांव  था उसका नाम लालपुर था । लालपुर में एक लाला जिसका नाम था जीवन । जीवन  के २ बच्चे थे एक लड़का और एक लड़की । दोनों की उम्र ६ और ९ साल की थी । एक दिन जीवन का बेटा  खेल रहा था और खेलते खेलते वो एक जीप में बैठ गया जो रुकी हुई थी । बेटे का नाम  ननकू था । ननकू  छुपम  छुपाई खेल रहा था इसलिए जीप में छुप गया था ।  लेकिन थोड़ी देर में ननकू को नींद लग गई और वो सो गया । जब उसकी आँख खुली तो जीप चल रही थी ।

इधर लालपुर मे जीवन अपने बेटे को ढूँढने लगा लेकिन काफी ढूंढने पे  भी ननकू कहीं नजर नही अाया तो समझ अाया की लगता है की ननकू खो  गया |
१ दिन  बीत गया पुलिस मे रिपोर्ट भी की लेकिन कुछ भी पता न चला |

ननकू के माता पिता परेशान हो गया |  उसी गाँव  मे एक बाबा रहता था उसका बड़ा नाम था | बाबा का नाम मिस्त्री बाबा था | लोगो ने जीवन को मिस्त्री बाबा के पास् जाने की सलाह दी | असल मे मिस्त्री बाबा ने जिनः सिद्धि की थी | उस जिन की मदद से सबका दुख दूर करते थे | जीवन मिस्त्री बाबा के पास गया औॉर अपना दुख बताया |

मिस्त्री बाबा बोले की मै बता तो सकता हूँ की तुम्हारा बेटा कहां है परंतु तुम्हे कल ५ किलो मिठाई देनी होगी |  जीवन  ने मिठाई देने का वादा किया फिर मिस्त्री बाबा ने बताया तुम्हारा बीटा नदी के उस पार्  गाँव   मे है | जीवन  उस पार के गाँव   मे गया सचमुच उसका बेटा वही था एक चाय  वाले की दुकान के पास् बैठा था |
जीवन के खुशी का ठिकाना न था बेटे को लेके घर अा गया | पूजा पाठ किया भगवान को मिठाई चढ़ाई लेकिन मिस्त्री बाबा ५ किलो मिठाई देना भूल गया |
उधर मिस्त्री बाबा उसका इंतजार करते रहे लेकिन १० दिन  बीत जाने के बाद भी मिठाई नही मिली तो मिस्त्री बाबा की मृतुय हो गई |
एक छोटी से भूल ने उनकी जान ले ली | इसलिए जीवन मे ऐसी भूल कभी न करें.. 

Thursday, May 19, 2016

Moh Effect and Side effect in life

मोह

इस दुनिया में हर किसी को किसी न किसी वस्तु  से मोह है । किसी को बहुत सारी  चीजों का मोह तो किसी को कुछ चीजों का ।  देखा जाये तो हम हर वक्त मोह से घिरे रहते है । जिसे ज्यादा मोह वो जाता है वो भी दुखी रहता है और जो वैरागी है वो दूसरों के मोह से दुखी रहता है ।

एक माँ जो की अपने बच्चे से कितना ज्यादा मोह  करती है और अपने दिल में प्यार को महसूस करती है उसके बच्चे को कुछ भी हो तो कितना विचलित हो जाती है ।  कुछ मोह जो बिलकुल दिल से किये जाये वही  प्यार बन जाता है ।

किसी को नौकरी से मोह तो किसी को कंपनी से मोह किसी को बातों का मोह तो किसी को मोबाइल का मोह किसी को खिलौनों से मोह  तो किसी को  किताबों से मोह । जहाँ तक हम अपने शरीर से जुडी हर एक वस्तु  से मोह करते है ।

जो कपडे पहनते है सोचते है जितना ज्यादा चले उतना अच्छा है पुरानी हो जाने पर भी ठीक से रख देतें है या तो घर में पहनते है । घर में रहते रहते खिड़की से बहार देखते देखते उस खिड़की से भी मोह हो जाता है की जिंदगी के किस मोड़ तक मैं ये खिड़की देखूंगा ।  अलग अलग सोच के साथ अलग अलग मोह उपज जाते है ।

ये मोह वक्त के साथ साथ हमें कितना कमजोर कर देता है की हमें पता ही नहीं चलता है । इस संसार में प्यार मोहब्बत बना रहे इसके लिए मोह जरुरी है पर मोह उतना ही करना चाहिए जितने में हम कमजोर न पड़े या हमारे मोह का कोई गलत फायदा न उठा ले ।

इस जिंदगी में एक इंसान के जीवन में मोह के कई पड़ाव आते है सबसे बड़ा और पहला पड़ाव तो तब होता है जब पहली बार माँ को छोड़कर बेटा  या बेटी पढाई के लिए दूर जाते है ।

दूसरा पड़ाव जब इंसान की शादी  होती है और तीसरा और आखिरी बड़ा पड़ाव जब वही  मोह माया अपनी संतान दोहराती है ।  इस संसार में अगर कुछ बड़ा करना हो तो मोह को त्यागना जरूरी हो जाता है ।

बिना मोह त्याग के कुछ अच्छ हासिल करना  थोड़ा मुस्किल होता है । जब हम कही व्यस्त होते है या कुछ काम कर रहे होते है तो छडिक  समय के लिए मोह याद नहीं रहता क्यों की अगर हम मोह हर समय याद रखेंगे तो काम कैसे करेंगे ।

महाभारत में विजय हासिल करने  के लिए न जाने कितने लोगों ने बलिदान किया मोह का त्याग किया तब जाके पांडवों को विजय मिली थी इसी तरह जिंदगी भी एक जंग है और इसमें विजय प्राप्त करने के लिए मोह के साथ सामंजस्य बनाना  ही पड़ता है ।

Tuesday, May 3, 2016

Holi celebration at Godrej Hillside Mumbai

मैं  कुछ तस्वीरें शेयर कर रहा हूँ जो की हमने होली में खींची थी ।  ये मेरे बेटे लवित की पहली होली है ।  पहली  चीज  हमेशा यादों में रहनी चाहिए ।  पहली होली पहला प्यार पहली तनख्वाह इतियादी हमेशा याद रहती है । 

Lavit singh

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santosh

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