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Suni Sunai baaten bhooton ki


सुनी सुनाई बाते भूतों के बारे में

कभी कभी मेरे दिल में कुछ बातें सुनी सुनाई बाते भूतों के बारे में याद आती । मेरे दादा कहते थे एक बार वो दोपहर के समय खेत में लेटे हुए थे सहसा आख लग गई । थोड़ी देर के बाद आँख खुली तो देखा कोई आ रहा है और उसके हाथ में बड़ा सा भाला था और वो लगभग १० फुट लम्बा था । उसे देख कर दादा जी घर की ओर दौड़ पड़े तब तक दौड़ते रहे जब तक घर नहीं आ गया फिर जब पीछे मुड़कर देखा तो केवल धुवाँ ही धुवाँ था ।

वही भूत उनको दुबारा भी मिला एक पेड़ पर बैठा था भूत तो ऊपर बैठा था और उसके पैर जमीन तक थे ।

इसी तरह छुटपुट घटनाएँ कई बार हुई उनके कहने पर मैं भी कई बार पेड़ के पास गया दोपहर को खेतों में लेटा पर मुझे तो कभी भूत नहीं दिखाई दिया तो मैंने सोचा सायद यही कहानी हर दादा की हो और मुझे भी भूत देखने के लिए दादा बनने तक इन्तेजार करना पड़ेगा ।