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Die before death

People die before death but how? Friend you may think that how people die before death there is a reason for that. First I want to tell you this is not that death that after life this death type is with in life. To Lot of people living in India is poor but they also see dream to become some thing but due to lack of money they did not able to do and can not choose his career in his own way. There are some other reason for people who are rich but not able to make his career choice. 1. Parent choice they follow to select his career that is death of life if its opposite of interest. 2. Some people start drink then they become week to get his target. 3. If friend circle is not good then there may be difficulty. 4. If you are not courageous then you may lack your confidence for your selection. 5. Home duties also restrict some people to live his life in his way. Are you are falling in this point if not then in which point you are falling. Have you win your life or still s

These are the ways to get adsense account

These are the ways to get adsense account 1. Own domain and make good post on domain then you can directly apply for adsense account to Apply for google adsense If googel approved it then they provide you account number. 2. second way is you write some well content blog and post it to blogger.com then you can apply for adsense account. 3. some other website like indiastudychannel.com, indyarocks.com, indiareviewchannel.com also provide facility to get adsense account. following point you should remeber to get adsense accounts easily. 1. your posts sholud not be copied from anywhere and not posted to any site you check then post. 2. your contents should be impressive and attractive. 3. your website age should be more than 6 months. After getting adsense account you should care about these point to save your account. 1. do not ask to anyone to click on ads. 2. Do not chat to anyone about ads and adsense google can track it. 3. Do not click on any ads to give

Learn from life Experience part one

Learn from life Experience part one I want to share my experience of life. Once upon a time when I was 10 years old then I like to keep birds child with me so I buy one parrot’s child. Every time I live with them one day I was gone to roof to sleep at night then I keep parrot with me. At least one hour I played with them after that I sleep. After two hours I check parrot is OK with me and sleeping. I get relief then again I sleep after some times when I open eye then I saw parrot died. I find the reason that something has fall on them. I feel very sad on this incident then I decided I will never keep any parrot. If any one place is to fly in the sky so don’t disturb them it will hurt you. I learn that love to all but take care with love. Same way one other incident happen one day there was heavy rain then I walk to my fields(farm). There I saw one rabbit was feeling very cold I pick them and take them to home. Two to three days I played with them I given food to them aft

How People do it easily

Dear friends, I want to share one incident which happen in my village. once upon a time one forest cow child come to our village( which is called neel guy ) then some person like meat of forest cow whey they saw forest calf then they prepare to kill them to eat. some people ran away behind them I was seeing that things calf ran very fast but how can he fight with man mind. So at last calf came in net of man. One people bring sharp knife and put on neck of calf. Calf crying everyone was laughing. I was thing calf was in pain then how can people can laugh. How can you laugh on pain of animal. I request to all people please do not give this type of panic to any animal its bad. Share your comments friend i am right or wrong. This type of crime people is doing daily and nobody is caring him. So its called kalyug.

When I get changed

कब कब    बदला मै मै जब  छोटा था तब बहुत नादान . लगभग ५ साल का था मेरा पापा मुझे कभी कभी पढ़ाते थे पर मुझे कुछ याद नहीं रहता था. मै मस्ती में रहता था ना साम को मेरे बाबा मुझे पहाडा रटाते थे फिर हिंदी का पौया अद्धा और सवाया  दिन भर थोडा बहुत  काम  भी करना पड़ता था पर मेरा पढाई में मन बहुत कम ही लगता था मेरे चाचा तो कभी कभी छड़ी से पिटाई भी जोरदार कर देते थे मुझे लगा जिस पढाई में इतनी मार पड़ती हो तो वो पढाई किस  काम  की मेरी सोच सुरु से उलटी चलती थी इस लिए नंबर तो कही भी नहीं रहा. जब जब मुझे मार पड़ी मै बदलता गया. कभी छड़ी की मार तो कभी वक्त तो कभी किस्मत. सायद मेरी तरह इस दुनिया में बहुत लोगों का यही हाल है. मै सोचता था की ऐसी फुद्दू  पढाई  में नौकरी कहाँ मिलने वाली है मै तो सबसे यही कहता था इस ज़माने में नौकरी कहा मिलने वाली है. एक दिन मेरा एक दोस्त मिला वो भी सेकंड ही आता था अक्सर पर वह मेहनती बंदा था मैंने उससे कहा दोस्त क्या करोगे पढ़ लिख कर नौकरी तो मिलने से रही तो वो बोला नहीं दोस्त नौकरी तो मिलती है अगर हम मेहनत करेंगे तो नौकरी तो मिल ही जाएगी

convert your blog to feed url to earn more

Steps to convert your blog to feed URL to earn more 1.Open the website feeds.feedburner.com 2. login using your google account. 3. type your blog URL in Burn a feed right this instant text box 4. proceed next. 5. proceed steps till finish . then open your link of feed then complete other tab options like optimize , publicize,monetize etc. now your feed url ready to earn congratulation. Note :This time google going to stop earning from feeds so you will not get advantage of feed from adsense earning.

How people miss love in life

आज ही नामांकन करे गूगल में

आज ही नामांकन करे गूगल में  प्यारे दोस्तों आओ हम जाने की हम इन्टरनेट से पैसे कैसे कमायें . इन्टरनेट से पैसे कमाने के बहुत रस्ते है जैसे ईमेल मार्केत्टिंग, बाहरी प्रोजेक्ट से और डाटा एंट्री काम ! लेकिन ये सभी रास्ते सभी नहीं जानते और बहुत ठगी भी होती है. अगर आप अच्छा ब्लॉग लिख सकते है तो फिर आप गूगल विगाप्ती(adsense) सीखें  सबसे पहले गूगल विगाप्ती (adsense) के लिए अपना अकाउंट प्राप्त करें उसके बाद ब्लॉग में अपना ज्यादा से ज्यादा योगदान करें  गूगल विगाप्ती में अकाउंट प्राप्त करना इतना आसान नहीं होता अगर आप अच्छा ब्लॉग लिखेंगे तो ही आपका अकाउंट अप्प्रोव होगा. अकाउंट मिलने के बाद आप अच्छा पैसा  कमा  सकते है अगर कोई आपके ब्लॉग पर आकर विज्ञापन खोलेगा तो उसका लाभ आपको मिलेगा अगर आप मेहनत करेंगे तो नतीजा बहुत अच्छा हो सकता है जितना आप नौकरी से कमा रहें है उतना ही आप गूगल से कमा सकते बस आप में थोड़ी लगन और विस्वास होना जरूरी है. ब्लॉग लिखे तो कृपया खुद लिखे कहीं से नक़ल न करें और जानबूझ कर किसी विज्ञापन पर क्लिक न करें और न ही किसी से इसके लिए प्रेरित करें  गूगल बहुत ही ज्य

Who is God ?

Who is God? Ram,Shiv,Ganesh,Allah,Ishu,Sai,Durga,Gurunanak Some times I think who is our God Is Our God is Ram if our God is Ram then who is Shiv,Ganesh ,Allah,Ishu,Sai,Durga,Gurunanak etc. If all are our God then Why Sai Baba said "Sabka Malik Ek" If God is one Then why God created so many names. Some one tells that God resides inside us if resides inside us then whats name of that God. Lot of Question to know definition of God. Answer : But finally I got answer that if there is no structure or name then remembering or praying him is very difficult that's God created so many name. You can select to pray as you like. I suggest everyone pray to God but keep in mind that God is one so you can love to all cast person. Actually love is great , God is great .

मनपसंद

मनपसंद खुद को कर बुलंद इतना,खुद को कर बुलंद इतना की खुदा बन्दे से खुद पूछे बता तेरी है क्या रजा | झुकते है वही , जिसमे जान होती है |झुकते है वही , जिसमे जान होती है, वर्ना अकड़ना तो मुर्दों की पहचान होती है | बकरी पाती  खात  है ताकि काढी खल जो नर बकरी खात है ताको कौन हवाल | जब मै था तब हरी नहीं जब हरी है मै नहीं सब अँधियारा मिटा गया जब दीपक देख्या माहि | सारे संसार में दो तरह की दिक्कतें होती है एक जब हम आज महसूस करते है एक भविष्य में और सभी दिक्कते इन दो तरह की दिक्कतों में ही रहती है क्यों की सबका मालिक एक है और हमें जीवो पर दया करनी चाहिए | अगर तुम तेष में आकर मेरा खात फाड़ भी डालो ,अगर तुम तेष में आकर मेरा खात फाड़ भी डालो ,तो मेरे खात के टुकड़े तुम्हारे कदम चूमेंगे | प्यार से पहले सेक्स करने से प्यार परवान नहीं चढ़ता | कुछ ऐसा करो की भीड़ तुम्हारे पीछे भागे नाकि तुम भीड़ के पीछे | जब हर तरफ अँधेरा दिखाई दे तो समझ लेना उजाला आने वाला है |

Dard E Tanhai

तन्हाई मुझे लगता है की मेरे पास कोई है जो हमेशा तो नहीं पर अकेले में मिलती है | यह और कोई नहीं मेरी तन्हाई है ,मेरा हमदम दोस्त नहीं जनता मै कौन है | पर ये तन्हाई करमजली मेरी सारी दास्ताँ बयां करती है | तन्हाई मुझसे कहती है ये करलूं वो करलूं कभी ख़ुशी के पल तो कभी आंसू भर लूं | मेरी तन्हाई मुझे रोज सताती है , न चाहते हुए भी होने का अहसाश कराती है | कभी बिस्तर पर तो कभी कंप्यूटर स्क्रीन पर भी नजर आती है | कभी कभी तो भीड़ भाड़ में भी नजर आती है | लाख कोसिस की कि दूर हो जाये मेरी तन्हाई | पर जितना दूर करता हूँ उतने करीब हो जाती है तन्हाई | एक दिन मेरी तन्हाई से हो गया मेरा समझौता | तन्हाई ने कहा मेरे यार लगता है तुम हो मुझसे बहुत दुखी | तुम्हे तुम्हारी तन्हाई का वास्ता बताती हूँ एक रास्ता | तन्हाई के कहने पर मैंने कुछ ही दिनों में करली शादी | मैंने तन्हाई का अदा किया सुक्रिया कि उसने मुझे नै राह दी | कुछ दिन तो बहुत अच्छा लगा बिना तन्हाई के | अभी तक कानो में गूँज रहे थे सुर सहनाई के | सब कुछ मानो स्वर्ग सा मिल गया | होठों में मुस्कराहट दिलों में फूल खिल गया | पर

Unemployment

बेरोजगारी मेरी चाह है येही की मेरी कविता में दम हो , थोड़ी ख़ुशी ,थोड़ी हंसी और मरहमी गम हो | बात है उनकी जिन्हें है किसी की तलास , करते है कोसिस नहीं छोड़ते आश | भरतें है आवेदन देतें है इन्तहान लेकर एक आशा , फिर आता है परिणाम हाथ आती है निराशा | बड़े देते है अस्वासन कि बेटे हिम्मत मत हार , कोसिस कर बार बार | यूँ तो ढांढस बढ़|ने का सिलसिला चलता ही रहता है , सबकुछ हो गया ख़त्म मै हो गया पूरी तरह से बेरोजगार अंत में ऐसा लगता है | फिर एक दिन पुस्तकालय में जा कर दो लाइन पढता हूँ जो कि मै आपको अपने सब्दो में बयां करता हूँ | "गर न मिले नौकरी तू फिर भी बन बन्दा , छोड़ दे ये नौकरियां कर ले कोई धंधा " पुस्तकालय से बहार निकला तो एक भिखारी कटोरा लिए खड़ा था | पीछा छुड़ाने के लिए मैंने उससे कहा जाओ बाबा छुट्टे नहीं है , बाबा बोले बेटा दस रूपये दान कर दो तो छुट्टे मिल जायेंगे | मै बोला दस तुझे दूंगा तो मै क्या करूँगा , ९० रूपये में तो ९ दिन कट जायेंगे १० वे दिन क्या करूँगा | बाबा बोले बेटे तेरा तो बुरा हाल है बेरोजगारी कि तू एक बड़ी मिसाल है | मुझे आई थोड़ी सरम दिमाग हो गया गरम ,

Imagine of Soul

आत्मा अगर एक पल के लिए हम यह सोचे की परमात्मा है ही नहीं | इस्वरीय दुनिया का कोई जगत है ही नहीं तो वैज्ञानिक दृष्टी से आत्मा कुछ भी नहीं है | शरीर के अन्दर आत्मा न होकर एक ऐसी उर्जा होती है जो उसने भ्रूणावस्था में प्राप्त की होती है | वह उर्जा सुक्राणु और अंडाणु के मिलन पर ही बनती है और अवस्था के पश्चात नस्त हो जाती है मतलब शरीर उर्जा विहीन हो जाता है अर्थात मर जाता है |  वास्तव में यदि आत्माएं होती तो यथार्थता भूत भी होते रोज बहुत लोग मरते और अबतक बहुत सारे भूत हो जाते और रोज एक दो भूतों से मुलाकात भी हो जाती | अगर हम इस्वरीय दुनिया में विस्वास करे तो बहुत सारी बातें ऐसी होंगी जिसे आपने केवल सुना होगा पर देखा नहीं होगा | इस्वरीय दुनिया एक काल्पनिक संसार है जो हो भी सकता है नहीं भी | परन्तु विज्ञानी संसार सर्वथा सिद्ध है |

Manjil or Target

मंजिल यदि आपकी मंजिल जिसकी इच्छा आपने की है वो यदि मिल जाये तो आप जीवन भर खुस रहेंगे यदि आपको अन्छित मंजिल की प्राप्ति हो जाये तो खुसी के बहुत कम पल ही मिलेंगे इसलिए इंसान को हर बाधा , माया , मोह , लोभ , आदि छोड़कर अपनी इच्छित मंजिल को प्राप्त करनी चाहिए यदि आप कामयाब हो गए और आपको आपकी मंजिल मिल गयी तो टूटे हुए बंधन, माया, मोह सभी ब्याज के साथ वापस मिल जायेंगे |

Notebook of a child

Two friends

दो दोस्त एक गाँव था नाम था हरिहरपुर वहां दो किसान रहते थे एक का नाम था हरिया और दुसरे का नाम रामलाल दोनों में गहरी दोस्ती थी और खेती में भी एक दुसरे की मदद किया करते थे पर दोनों गरीब बहुत थे | हरिया का एक बेटा था जो शहर में रहता था कभी कभी बेटे की चिठ्ठी आ जाती थी |  दिन गुजरता गया इस बार फसल अच्छी हुई गाँव में खुशहाली सी छा गई | हरिया ने अनाज की कुछ बोरिया बेटे को सहर भी भिजवा दिया | कुछ दिन बाद बेटे की चिठ्ठी आई उसमे उसने अनाज भेजने का सुक्रिया अदा किया था | गाँव के खेतों में नहर से पानी आता था नहर मुखिया के कब्जे में था जिसको पानी चाहिए होता था पैसे देकर पानी लेता था इस तरह मुखिया की कमाई भी हो जाती थी | एक साल और बीत गया | इस बार गाँव में सूखा पड़ गया नहर में भी बहुत कम पानी बचा था मुखिया ने पैसे बहुत बाधा दिए | हरिया और रामलाल के पास इतने पैसे न थे | फसल की सिचाई भी बाकी थी जो कुछ भी था दोनों ने मिलकर मुखिया को धन दिया पर धन कम होने के कारन आधे खेत ही सिचाई हो पाई | फिर क्या था बाकि खेत की सिचाई होनी जरूरी थी इसलिए दोनों ने फैसला किया की घर के कुवें से पानी ले जाकर सिचेंगे

Holi of my village

मेरे गाँव की होली होली तो सभी खेलते है अपने अपने तरीके से पर मुझे अपने गाँव की होली अच्छी लगती है | मेरा घर ५ गावों के बीच में है और होली के दिन सभी गावों की टोलियाँ एक एक करके आती है कभी कभी तो हम सब नहा चुके होतें है तो उसके बाद कोई टोली आ जाती है और फिर से नहाना पड़ता है | टोली की खासियत यह होती है कि उसमे नाचने और गाने के लिए स्पेशल ढोल नगाड़े होते है टोली हर घर से गुजरते हुए जाती है और लम्बी होती जाती है कभी कभी तो नवाब भी तैयार किये जाते थे जिनको सरब पिला के भैंस पर बिठा दिया जाता था और पूरे गाँव में घुमाया जाता था | एक ही चीज ख़राब होती है कि बहुत से लोग सराब या भंग के नसे में धुत रहते है और अजब गजब हरकते करते है | पहले सब रंग खेलते है और डांस करते है जो नशे में रहते है वे एक दुसरे के कपडे फाड़ देतें है तो किसी कि मौसी या मामा का मूड ख़राब होता है तो सबको गोबर के पानी से ही नहला देतें है | होलिका दहन रात को कोटा है पर होलिका दहन के बाद किसी के खेत से खर तो किसी के खेत से पूरा पेड़ ही गायब हो जाता है | मेरे घर में गुजियाँ और पूरियां बनती है दोपहर के बाद होली मिलन सुरु

Story of Ghost

कहानी भूतनी की एक गाँव का नाम था भंगवा | भंगवा गाँव में एक छोटा सा जंगल था वहां रात को कोई नहीं जाता था | सब कहते थे वहां एक भूतनी रहती है जिसे गाँव वालों ने कई बार देखा | उसी गाँव में एक मंगू नाम का नाइ भी रहता था वो किसी भूत वूत से नहीं डरता था | रोज आस पास के गाँव में बाल काटने जाता था और साम को उसी जंगल के रास्ते घर वापस आ जाता था | कभी कभी उसे भी थोड़ी बहुत आवाज आती थी पर कोई दिखाई नहीं देता था | एक दिन मंगू को लौटने में देर हो गई पहले सोचा रात को कहीं रुक जाऊं फिर सोचा डर किस बात का बस जंगल पार करते ही घर आ जायेगा | मंगू की शादी नहीं हुई थे इसलिए वो और भी निडर रहता था पर जंगल पहुँचते पहुँचते रात के १२ बज गए | अब भूतनी का टाइम भी सुरु हो रहा था | थोड़ी दूर चलने पर मंगू को कुछ रोने की आवाज सुनाई दिया पीछे मुड़कर देखा तो कुछ नहीं था | थोड़ी दूर और चलने पर उसे सामने से एक औरत जाते हुई दिखाई दी फिर मंगू ने उसे आवाज दी फिर पलक झपकते ही वो औरत गायब हो गई | ऐसी लुका छुपी थोड़ी देर चलती रही पर मंगू डरा नहीं और चलता रहा अब वो जंगल के बीचोबीच आ गया था रात एक दम से काली रात थी उस दिन दु

Cute baby

My Cute baby

story of budhai

बुधई बुधई जो की एक बहुत गरीब आदमी था वो हमारे गाँव के घर के पीछे रहता था उसकी उम्र ६५ साल की थी वो लोनिया जाति का व्यक्ति था बहुत सीधा साधा इन्सान था उसके ४ बेटे और २ बेटी थी | मेरे पिता जी परदेश में नौकरी करते थे उस समय हम लोग भी गरीबी रेखा में ही जी रहे थे पर बाकि गाँव वालों से बेहतर थे क्यों की पापा को मास्टर की नौकरी मिल गई थी वो भी सरकारी | पापा साल में २ बार ही घर आते थे जब भी घर आते थे तो बुधई खूब तेज आवाज लगता था संतोष तुम्हारे पापा आ गए और हम सुन कर तेजी से भाग कर आते थे पापा आ गए पापा आ गए बिस्कुट लाये होंगे , मिठाई लाये होंगे | धीरे धीरे हमें बुधई के आवाज की आदत लग गई क्यों कि कोई भी आता तो बुधई आवाज जरूर देता था | बुधई को छोटे छोटे पिल्लै पालने का भी सौक था और हम दिन भर उन पिल्लों के साथ खेला करते थे | बुधई के नरमदिली और पिल्लों के प्रति उसका प्यार हमें देख कर अच्छा लगता था | पिल्लों के साथ साथ वो बकरिया भी पालता एक दिन एक बकरी बीमार हो गई तो रात भर दर्द से चिल्लाती रही बुधई से रहा नहीं गया और उसे मुक्त करने के लिए उसे मौत के हवाले करा दिया | तम्बाकू खाना